सांप्रदायिक नफरत भड़काने वालों के खिलाफ लड़ाई जारी : CM ममता बनर्जी

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के शिलान्यास ने प्रदेश की राजनीति को तेज कर दिया है। यह काम सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूँ कबीर द्वारा किया गया है, ऐसे में भले ही टीएमसी ने उन्हें निलंबित कर दिया है लेकिन भाजपा का निशाना सीधा ममता बनर्जी पर ही है।

इसी खींचतान के बीच संहति दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल की सदियों पुरानी सह-अस्तित्व की परंपरा को रेखांकित किया और एकता और सद्भाव की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए याद दिलाया कि बंगाल की पहचान अनेकतावाद में निहित है।

बनर्जी ने लिखा, "मैं संहति दिवस/संप्रीति दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई देती हूँ। बंगाल एकता की धरती है, टैगोर, नज़रुल, रामकृष्ण और विवेकानंद की धरती है। यह मिट्टी कभी भी विभाजनकारी ताकतों के सामने नहीं झुकी है और न कभी झुकेगी।" गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस छह दिसंबर को बाबरी मस्जीद गिराए जाने की याद में संहति दिवस मनाती है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और बौद्ध हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम अपनी खुशियाँ साझा करते हैं क्योंकि हमारा मानना है कि धर्म व्यक्तिगत है, लेकिन त्योहार सभी के लिए हैं। सांप्रदायिक नफरत की आग भड़काने और देश को नष्ट करने वालों के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। आइए, हम सब शांति और सद्भाव बनाए रखें।"


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