आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भाषा और जाति के भेद से ऊपर उठने की अपील

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने देशभर में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से भाषा, जाति और आर्थिक स्थिति के आधार पर होने वाले भेदभाव से ऊपर उठने का आग्रह किया।

भागवत ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर में अपनी मातृभाषा बोलनी चाहिए और सभी भाषाओं का समान महत्व है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विशेषकर दक्षिण भारत की कई क्षेत्रीय पार्टियों ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं के मुकाबले प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।

साथ ही यह बयान उस वक्त आया है, जब देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की कथित नस्लीय गाली-गलौज के बाद हुई हत्या को लेकर देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है। इन घटनाओं के बीच मोहन भागवत ने दोहराया कि पूरा देश सभी नागरिकों का है और आपसी सौहार्द तथा एकता ही भारत की मूल पहचान है।


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