हिंदू समाज की एकता से टूटेंगी आसुरी शक्तियां : मोहन भागवत

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यह जो सारी आसुरी शक्तियां हैं, जैसे-जैसे धार्मिक समाज के, सनातन समाज के लोग एक होते जाएंगे, वैसे-वैसे ये टूटती जाएंगी। आप देख लीजिए कि पिछले 50 साल में जैसे-जैसे हिंदू एक होता गया वैसे-वैसे इनके टुकड़े होते गए।

यह बात आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने वृंदावन में सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक संत सुदामा दास जी महाराज के 10 दिवसीय शताब्दी महोत्सव के उद्घाटन के दौरान कही। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने वृंदावन में अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा राष्ट्र धर्म के लिए ही बना है, इसका निर्माण इसीलिए हुआ है।

समय-समय पर दुनिया को धर्म ज्ञान से हम अवलोकित करें, अपने जीवन से लोगों को धर्म जीवन कैसे जिया जाता है इसकी शिक्षा दें। साधु-संतों की उपस्थिति में अपने बयान में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश की आवश्यकता है भेदभाव मुक्त भारत चाहिए। हिंदू समाज कभी किसी दूसरे के वीरता से, शौर्य से, बल के कारण हारा नहीं है, जब पराजय हुई तो फूट के कारण हुई। किसी प्रकार का भेदभाव ना रहे, तो करना क्या है, अपनी दोस्ती जोड़ना है। हम मानते हैं कि हिंदू सामाजिक है।

दुनिया उसमें कई प्रकार देखी है। भाषा के, पंथ के, जाति के, दुनिया जितने प्रकार की हिंदुओं को मानती है तो मेरे मित्र उतने लोगों में होने चाहिए।


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