भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला

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सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सांविधानिक सवाल से जुड़े मुकदमे में बड़ा फैसला पारित किया है। भ्रष्टाचार निवारण कानून से जुड़े इस मामले में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने कहा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए असांविधानिक है।

इसे निरस्त किया जाना चाहिए। 'पूर्व स्वीकृति अनिवार्य' होने पर सवाल खड़े करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा, ये शर्त भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की भावनाओं के खिलाफ है।

इससे जांच बाधित होती है। कानून के ऐसी धाराओं से भ्रष्ट लोगों को संरक्षण मिलता है।


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