उत्तर भारतीय महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर घिरे दयानिधि मारन, मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दर्ज

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उत्तर भारत की महिलाओं पर की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर डीएमके सांसद दयानिधि मारन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर की एक अदालत में उनके खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। यह मामला उनके उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने उत्तर भारत और दक्षिण भारत की महिलाओं की तुलना की थी।

चेन्नई सेंट्रल सीट से चार बार सांसद रह चुके दयानिधि मारन ने अपने बयान में कहा था कि उत्तर भारत की महिलाएं मुख्य रूप से घर के काम और बच्चों की देखभाल तक सीमित हैं, जबकि तमिलनाडु की महिलाएं पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और कामकाजी हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि दक्षिण भारत की लड़कियां सर्वगुण सम्पन्न होती हैं और हर क्षेत्र में सक्षम हैं।

इस बयान को लेकर अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि सांसद का यह बयान उत्तर भारत की महिलाओं को नीचा दिखाने और दक्षिण भारत की महिलाओं को श्रेष्ठ बताने की मंशा से दिया गया है, जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है।


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