मनरेगा, बजट, भर्ती और धान उठाव को लेकर PCC चीफ दीपक बैज का बीजेपी पर तीखा हमला

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रायपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में “मनरेगा बचाओ संग्राम” चलाया जा रहा है। ब्लॉक, ग्राम पंचायत से लेकर जिला कांग्रेस तक के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और मनरेगा को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर कर रहे हैं।

दीपक बैज ने बताया कि अब तक कांग्रेस कार्यकर्ता 40 किलोमीटर से अधिक पैदल यात्रा कर चुके हैं और आज महासमुंद में भी पदयात्रा आयोजित की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मनरेगा का नाम बदलकर ग्रामीण रोजगार को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है, जिस पर आम जनता से सीधा संवाद किया जा रहा है। ग्रामीणों का भी कहना है कि इस योजना को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। अजय चंद्राकर की चुनौती वाले बयान पर पलटवार करते हुए दीपक बैज ने कहा कि अजय चंद्राकर न तो मंत्री हैं और न ही मुख्यमंत्री।

यदि बहस करनी है तो पूरी सरकार की योजनाओं पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि समय और स्थान तय कर लें, वे सरकार की दो साल की नाकामियों पर बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सोनिया गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि अजय चंद्राकर भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

मनरेगा किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे देश के मजदूरों की योजना है। सरकार बताए कि मजदूरों के लिए उसने कौन-सी नई योजनाएं बनाई हैं। दीपक बैज ने कहा कि अब तक कई कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को 2026 के बजट से कोई सरोकार नहीं है और वह केवल 2047 की बातें कर रही है। भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि भाजपा में चुनाव नहीं, केवल मनोनयन होता है। लोकतंत्र भाजपा में नहीं, कांग्रेस में है।

कांग्रेस में मल्लिकार्जुन खड़गे लोकमत से राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं, जबकि भाजपा में सब कुछ “रिमोट कंट्रोल” से तय होता है। दीपक बैज ने बताया कि वे D.Ed अभ्यर्थियों से मिलने तूता जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1300 से अधिक पद खाली हैं, जिनके लिए अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। रसोईया संघ भी लंबे समय से आंदोलन कर रहा है। न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद सरकार भर्ती नहीं कर रही है। यह योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन है।

धान उठाव को लेकर उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह सवाल है कि धान का उठाव क्यों नहीं हुआ। बेमेतरा में ही 50 हजार क्विंटल धान पड़ा हुआ है और प्रदेश भर में यही स्थिति है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? यह जनता की गाढ़ी कमाई की लूट है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश को चूहे नहीं, बल्कि “सरकार के 14 चूहे” खा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी।


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