कम से कम 100 दिन चले संसद और विधानमंडल : बसपा प्रमुख मायावती

feature-top

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रहे 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने संसद और राज्य विधानमंडलों की कार्यवाही के घटते समय पर चिंता जताई है।

उन्होंने मांग की है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए संसद और विधानमंडलों के सत्र साल में कम से कम 100 दिन नियमित और शांतिपूर्ण ढंग से चलाए जाएं। पूर्व सीएम मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर लिखा, ‘देश में संसद व राज्य विधानमंडलों के सत्र के घटते समय के साथ-साथ हर बार इनके भारी हंगामेदार एवं स्थगन आदि से इनकी जन उपयोगिता का घटता प्रभाव अक्सर गंभीर चिंता का विषय रहा है ।

और इसलिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों चल रहे 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के तीन-दिवसीय सम्मेलन के दौरान विधानमंडलों की कार्यवाही के लगातार घटते समय पर चिन्ता व्यक्त किया जाना उचित, सामयिक व सराहनीय, जिसपर सरकार और विपक्ष दोनों को अति-गंभीर होकर इस पर अमल भी ज़रूर करना चाहिये।’


feature-top