चुनावी फ्रीबीज पर सुप्रीम कोर्ट सख्त रुख

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चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त योजनाओं के ऐलान पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इसे “बहुत ही महत्वपूर्ण मामला” बताते हुए कहा कि इस पर गंभीर विचार जरूरी है।

फ्रीबीज मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने देश पर बढ़ते कर्ज का मुद्दा उठाया, जिस पर CJI ने कहा कि यह आंशिक रूप से नीतिगत फैसला हो सकता है, लेकिन यह भी सोचना होगा कि क्या राज्य के राजस्व का एक हिस्सा विकास कार्यों के लिए सुरक्षित नहीं रहना चाहिए।

हालांकि CJI ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मुफ्त सुविधाएं राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी के अंतर्गत आती हैं। साथ ही अदालत ने संकेत दिया कि इस मुद्दे को तीन जजों की पीठ के समक्ष प्राथमिकता से सूचीबद्ध किया जा सकता है।


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