मौत की सजा के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित

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मौत की सजा में फांसी की जगह वैकल्पिक तरीकों को अपनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका में फांसी को क्रूर और अमानवीय बताते हुए लीथल इंजेक्शन, गोली मारने या इलेक्ट्रिक चेयर जैसे विकल्पों पर विचार करने की मांग की गई है।

सीनियर एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि फांसी के दौरान दोषी को लंबे समय तक पीड़ा सहनी पड़ती है, इसलिए कम दर्द वाले तरीकों को अपनाया जाना चाहिए। याचिका में यह भी सुझाव दिया गया कि दोषी को फांसी या इंजेक्शन में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाए।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि इस विषय पर अध्ययन के लिए एक कमेटी गठित की गई है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि फिलहाल सरकार फांसी को सबसे तेज और सुरक्षित तरीका मानती है और इसे बदलने के पक्ष में नहीं है।


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