अल्पसंख्यक आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती, याचिका को बताया ‘नया तरह का फ्रॉड’

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सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यक आरक्षण की मांग को लेकर दाख़िल एक याचिका पर कड़ी फटकार लगाई। बौद्ध धर्म अपनाने वाले हिंदू अपर कास्ट युवक द्वारा अल्पसंख्यक कोटे के तहत दाख़िले की मांग को अदालत ने गलत और भ्रामक करार दिया।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस याचिका को “नया तरीके का फ्रॉड” बताया।

अदालत की कार्यवाही को कवर करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, याचिकाकर्ता निखिल कुमार पूनिया ने खुद को अल्पसंख्यक उम्मीदवार बताते हुए एडमिशन की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से सीधा सवाल किया

“आप कौन से पूनिया हैं? आप किस अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं?” इस पर निखिल कुमार पूनिया के वकील ने जवाब दिया कि वे जाट पूनिया हैं। यह सुनते ही बेंच ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा “अगर आप जाट पूनिया हैं, तो अल्पसंख्यक कैसे हो सकते हैं?”


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