छात्रों के वोटिंग अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIR पर भी उठे सवाल

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देश के लोकतंत्र से जुड़े दो अहम मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ सख्त रुख अपनाया है। पहला घर से दूर पढ़ाई कर रहे छात्रों को वोट देने में हो रही दिक्कत।

दूसरा वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान नाम जोड़ने–हटाने की प्रक्रिया। कोर्ट ने छात्रों को पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। पीठ ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से चार हफ्ते में जवाब मांगा है कि छात्रों को यह सुविधा क्यों नहीं दी जा सकती।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि निवारक हिरासत में बंद व्यक्ति पोस्टल बैलेट से वोट दे सकता है,लेकिन पढ़ाई कर रहे छात्र इससे वंचित हैं। इसे अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।

वहीं, SIR के दौरान वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर भी सुप्रीम कोर्ट गंभीर सवालों पर विचार कर रहा है।


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