सोनम वांगचुक की NSA हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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सुप्रीम कोर्ट ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लिए जाने के मामले में केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए हैं। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार वांगचुक के बयानों का कुछ ज्यादा ही मतलब निकाल रही है।

 जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका वांगचुक की प्रिवेंटिव डिटेंशन को चुनौती देते हुए दाखिल की गई है।

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) केएम नटराज ने दलील दी कि वांगचुक ने अपने बयान में कहा था कि लद्दाख में नेपाल जैसा हिंसक आंदोलन हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं में शांतिपूर्ण तरीकों की प्रभावशीलता को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी बयान को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए। अदालत ने संकेत दिया कि वांगचुक हिंसा भड़काने की बात नहीं कर रहे थे, बल्कि संभावित हालात को लेकर चिंता जता रहे थे।


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