सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में हवाई यात्रा की लागत को लेकर कड़े सवाल उठाए

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नियमित हवाई यात्रा करने वाले और सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायण ने निजी एयरलाइनों द्वारा हवाई किराए और अतिरिक्त शुल्कों में होने वाले अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए नियामक दिशा-निर्देशों की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की। लक्ष्मीनारायण ने तर्क दिया कि हवाई यात्रा, जो कभी विलासिता थी, अब एक आवश्यक सेवा है और इसे इसी श्रेणी में रखा गया है। 140 पृष्ठों के इस दस्तावेज़ में याचिकाकर्ता ने सरकार से एयरलाइनों के "अनियमित, अपारदर्शी और शोषणकारी आचरण" के खिलाफ हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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