जामिया मिलिया इस्लामिया ने वायरल 'निकाह' नोटिस को फर्जी बताया

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जामिया मिलिया इस्लामिया ने सोशल मीडिया पर प्रसारित निकाह संबंधी उस अधिसूचना को फर्जी बताकर खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि यह संस्थान द्वारा जारी की गई है। इस अधिसूचना में आरोप लगाया गया था कि विश्वविद्यालय ने रमजान के महीने में एक साथ देखे गए पुरुषों और महिलाओं के लिए निकाह की व्यवस्था की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, कुछ छात्रों ने दावा किया कि यह अधिसूचना व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित हो रही थी।
अपने बयान में विश्वविद्यालय ने कहा कि निकाह का यह सर्कुलर उसकी छवि खराब करने के इरादे से जारी किया गया था। विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि फर्जी नोटिस के प्रसार के संबंध में दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई है।

इस नोटिस को खारिज करते हुए विश्वविद्यालय ने कहा कि यह "पूरी तरह से फर्जी है और विश्वविद्यालय अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है"। आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों से वायरल संदेश को गंभीरता से न लेने का आग्रह किया है।

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