अरावली क्षेत्र की सीमा तय करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र की सही परिभाषा और सीमा निर्धारण को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा है कि वह इस मामले में एक विशेषज्ञ समिति गठित करने पर विचार करेगा।

यह समिति तय करेगी कि अरावली क्षेत्र की वास्तविक सीमा क्या है और उससे जुड़े विवादित मुद्दों का समाधान किस प्रकार किया जाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अरावली क्षेत्र में जारी गतिविधियों, विशेषकर खनन से जुड़े जिन लाइसेंसों को अनुमति दी गई थी, वे अगले आदेश तक स्थगित रहेंगे।

अदालत ने कहा कि जब तक मामले का चरणबद्ध समाधान नहीं हो जाता, तब तक यथास्थिति (स्टेटस को) बरकरार रखी जाएगी।

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर देखें तो सुप्रीम कोर्ट की इमारत भी कभी अरावली क्षेत्र का हिस्सा मानी जा सकती थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कहना तर्कसंगत नहीं होगा। अदालत ने संकेत दिया कि सीमा निर्धारण वैज्ञानिक और तथ्यात्मक आधार पर ही किया जाना चाहिए।


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