रायगढ़ : खैरपुर हत्याकांड के दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास

कोतरारोड थाना के अंतर्गत आता है खैरपुर

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रायगढ़ जिले के थाना कोतरारोड़ क्षेत्र में वर्ष 2023 में घटित बहुचर्चित हत्याकांड मामले में विद्वान माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने 27 फरवरी को मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। 

अभियोजन के अनुसार, 24 जनवरी 2023 को सूचनाकर्ता मुन्ना कुमार ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि वह खैरपुर जमुनीपारा में अपने जीजा छोटनराम और बहन ललिता देवी के साथ रहता था और सेल्फ मिस्त्री का कार्य करता था। 26 जनवरी को नए मकान के गृह प्रवेश की तैयारी के दौरान 24 जनवरी को बिजली का कार्य चल रहा था, तभी मोहल्ले का रहने वाला देवव्रत मोटरसाइकिल से वहां आया, जिस पर गली के मरम्मत कार्य को लेकर विवाद हुआ और वह वहां से चला गया। कुछ समय बाद देवव्रत अपने साथी कार्तिक राम तुरी के साथ वापस आया और दोनों ने गाली-गलौच करते हुए विवाद शुरू कर दिया। विवाद के दौरान कार्तिक राम तुरी ने अपने पास छिपाकर रखी सब्जी काटने की लोहे की छुरी निकालकर ललिता देवी के पेट में जानलेवा वार कर दिया। बीच-बचाव करने आए छोटनराम पर भी उसी छुरी से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। दोनों घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज रायगढ़ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान छोटनराम की मृत्यु हो गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 42/2023 धारा 307, 302, 34 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों कार्तिक राम तुरी और देवव्रत कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विवेचना के दौरान एकत्रित सशक्त साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और ₹1000 अर्थदंड तथा धारा 324 के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹1000 अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही न्यायालय ने पीड़ित परिवार को हुए मानसिक और शारीरिक आघात को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ क्षतिपूर्ति योजना 2011 के अंतर्गत पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का आदेश भी दिया है।

 

 

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