टाटा संस में चेयरमैन के एक्सटेंशन पर टालमटोल, गवर्नेंस पर फिर उठे सवाल

feature-top

टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन के कार्यकाल को तीसरे टर्म के लिए बढ़ाने के फैसले को बोर्ड द्वारा टालने की खबरों के बाद कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर बहस तेज हो गई है। चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होगा, जब वे 63 वर्ष के होंगे, जबकि जून 2028 में वे 65 वर्ष के हो जाएंगे। किसी भी संभावित विस्तार के लिए कंपनी को अपनी रिटायरमेंट पॉलिसी में औपचारिक छूट देनी होगी, यानी तय नियमों को विशेष प्रस्ताव के जरिए निलंबित करना पड़ेगा। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जब नियमों में पहले से अपवाद का रास्ता मौजूद है तो उनकी सख्ती का अर्थ क्या रह जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा केवल टाटा समूह तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय कॉरपोरेट जगत में आम है। इसके उलट, HDFC Bank के पूर्व प्रमुख आदित्य पुरी ने अक्टूबर 2020 में 70 वर्ष की आयु पूरी होने पर पद छोड़ा, क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक ने निजी बैंकों के प्रमुखों के लिए सेवानिवृत्ति की स्पष्ट आयु सीमा तय कर रखी है। कॉरपोरेट विशेषज्ञों का कहना है कि नियम तभी प्रभावी गवर्नेंस का हिस्सा बनते हैं, जब उनका पालन उन व्यक्तियों के दायरे से बाहर तय हो, जिन पर वे लागू होते हैं।


feature-top