भारतीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान संगठन (आईएआईआरओ) के एक अधिकारी ने कहा कि भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें अमेरिका के कम विनियमित मॉडल और यूरोपीय संघ के अत्यधिक अनुपालन-आधारित ढांचे जैसी अतिवादी नीतियों से परहेज किया गया है।

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भारतीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान संगठन (आईएआईआरओ) के एक अधिकारी ने कहा कि भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें अमेरिका के कम विनियमित मॉडल और यूरोपीय संघ के अत्यधिक अनुपालन-आधारित ढांचे जैसी अतिवादी नीतियों से परहेज किया गया है।

भारतीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान संगठन (आईएआईआरओ) के संस्थापक निदेशक अमित शेठ ने कहा कि भारत ने संतुलित नियामक दृष्टिकोण अपनाया है जो उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा करते हुए नवाचार को बढ़ावा देता है।

शेठ ने पीटीआई को ईमेल के माध्यम से दिए गए एक साक्षात्कार में बताया, “भारत एक व्यावहारिक, संतुलित नियामक दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें अमेरिका के कम विनियमित मॉडल (जो समाज के लिए उच्च जोखिम पैदा करता है) और यूरोपीय संघ के अत्यधिक अनुपालन-आधारित ढांचे (जो नवाचार को कम करता है) दोनों से परहेज किया गया है। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा करते हुए नवाचार को बढ़ावा देना है।”


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