‘सिर्फ व्हाट्सएप चैट के आधार पर तलाक का आदेश नहीं दे सकते’: बॉम्बे हाई कोर्ट

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि केवल व्हाट्सएप संदेशों के आधार पर पति-पत्नी के बीच क्रूरता साबित कर तलाक नहीं दिया जा सकता। अदालत ने जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की पीठ द्वारा दिए गए आदेश में नासिक फैमिली कोर्ट के मई 2025 के फैसले को रद्द कर दिया। हाई कोर्ट ने मामले को दोबारा उसी फैमिली कोर्ट में भेजते हुए कहा कि दोनों पक्षों को सबूत पेश करने और अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए। यह मामला हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13(1)(ia) के तहत क्रूरता के आधार पर तलाक से जुड़ा है।


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