ईरान युद्ध से भारत के बासमती चावल के व्यापार पर असर पड़ा

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अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारत की कृषि निर्यात अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है, और बासमती चावल का व्यापार इससे सबसे पहले प्रभावित होने वालों में से एक है।

शिपिंग मार्गों को लेकर अनिश्चितता, युद्ध जोखिम अधिभार और बाधित व्यापार चैनलों के कारण निर्यात गतिविधि में भारी गिरावट आई है, जिससे माल की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, लगभग 4 लाख टन बासमती चावल की खेप वर्तमान में या तो पारगमन में या अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर फंसी हुई है, जिससे निर्यातकों, मिल मालिकों और किसानों के लिए एक गंभीर संकट पैदा हो गया है।

भारत बासमती चावल का विश्व का अग्रणी निर्यातक है, और मध्य पूर्व का व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान है। ईरान, सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात और यमन मिलकर भारत के बासमती निर्यात बाजार का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।


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