इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को अग्रिम ज़मानत दे दी है। यह मामला 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम' (POCSO Act) के तहत दर्ज किया गया था। कोर्ट ने इससे पहले उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी थी। इस मामले में युवा शिष्यों के यौन शोषण के आरोप शामिल हैं। संत और उनके शिष्य चल रही जाँच में सहयोग कर रहे हैं।

feature-top

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को अग्रिम ज़मानत दे दी है। यह मामला 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम' (POCSO Act) के तहत दर्ज किया गया था। कोर्ट ने इससे पहले उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी थी। इस मामले में युवा शिष्यों के यौन शोषण के आरोप शामिल हैं। संत और उनके शिष्य चल रही जाँच में सहयोग कर रहे हैं।


feature-top