दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ़ किया कि शिक्षा का अधिकार कानून (RTE Act) माता-पिता को अपने बच्चे के लिए कोई खास स्कूल चुनने का अधिकार नहीं देता है। यह फ़ैसला एक ऐसे मामले में आया, जिसमें एक माँ ने EWS कैटेगरी के तहत अपने बच्चे के लिए दूसरी क्लास में एडमिशन माँगा था। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि RTE Act का मकसद सामाजिक समावेश है, न कि किसी खास स्कूल का चुनाव करना।

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दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ़ किया कि शिक्षा का अधिकार कानून (RTE Act) माता-पिता को अपने बच्चे के लिए कोई खास स्कूल चुनने का अधिकार नहीं देता है। यह फ़ैसला एक ऐसे मामले में आया, जिसमें एक माँ ने EWS कैटेगरी के तहत अपने बच्चे के लिए दूसरी क्लास में एडमिशन माँगा था। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि RTE Act का मकसद सामाजिक समावेश है, न कि किसी खास स्कूल का चुनाव करना।


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