महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं: बॉम्बे हाई कोर्ट

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह "ताक-झांक" (voyeurism) का अपराध नहीं माना जाएगा।

जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन वे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं।


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