आरटीआई के मुताबिक, 2020 से अब तक बाघों की 88 मौतों का मामला अनसुलझा

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सूचना के अधिकार (आरटीआई) दस्तावेजों से पता चला है कि 2020 और 2021 के बीच दर्ज की गई 88 बाघों की मौतें अनसुलझी हैं। इनमें न तो मौत का कोई पुष्ट कारण पता चला है, न ही जांच पूरी हुई है और न ही किसी को दोषी ठहराया गया है।

ये मामले बांधवगढ़, कान्हा, पन्ना, काजीरंगा, ताडोबा, दुधवा और कॉर्बेट जैसे प्रमुख अभ्यारण्यों से संबंधित हैं, जिनमें संरक्षित क्षेत्रों के भीतर हुई मौतें भी शामिल हैं। कई मामलों में, जिन्हें "जब्ती" के रूप में वर्गीकृत किया गया है, बाघों के अंग बरामद किए गए हैं, जो संभावित शिकार की ओर इशारा करते हैं, लेकिन जांच अभी तक कानूनी रूप से पूरी नहीं हुई है।


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