सबरीमाला PIL के कागज़ात 'कूड़ेदान में फेंक दिए जाने चाहिए थे': सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने 2006 की उस जनहित याचिका (PIL) के मूल आधार पर ही सवाल उठाया, जिसके परिणामस्वरूप 2018 में उसका ऐतिहासिक फ़ैसला आया था। इस फ़ैसले में केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस याचिका पर "बिल्कुल भी विचार नहीं किया जाना चाहिए था" और रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री को तो "कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए था"।


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