सुप्रीम कोर्ट में पुजारियों के वेतन पर सुनवाई

feature-top

सुप्रीम कोर्ट सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों के पुजारियों, सेवादारों और कर्मचारियों के वेतन से जुड़ी अहम याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में मांग की गई है कि इन्हें ‘कर्मचारी’ माना जाए और न्यूनतम व सम्मानजनक वेतन दिया जाए। साथ ही सरकारों को एक न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति बनाने का निर्देश देने की भी अपील की गई है।याचिकाकर्ता का तर्क है कि जब राज्य मंदिरों का प्रशासन और आर्थिक नियंत्रण संभालता है, तो वहां कर्मचारी-नियोक्ता संबंध बनता है, इसलिए उचित वेतन जरूरी है। याचिका में इसे संविधान के अनुच्छेद 21 और 43 के तहत अधिकारों का मुद्दा बताया गया है।
 


feature-top