कर्नाटक : रामलिंगा रेड्डी का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेंगे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार

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कर्नाटक में नवगठित डीके शिवकुमार सरकार के शपथ ग्रहण के महज दो दिन बाद सामने आया पहला बड़ा राजनीतिक संकट पूरी तरह टल गया है। दरअसल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और आठ बार के विधायक रामलिंगा रेड्डी ने मनमुताबिक 'बेंगलुरु विकास' विभाग न मिलने और उसकी जगह 'जल संसाधन' (सिंचाई) मंत्रालय सौंपे जाने से नाराज होकर शुक्रवार को कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था, जिसे उन्होंने अपनी 'अंतरात्मा और सम्मान' के खिलाफ बताया था। सरकार को अस्थिरता से बचाने के लिए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तत्परता दिखाई और रामलिंगा रेड्डी को अपना पुराना मित्र बताते हुए उनका इस्तीफा स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद शुक्रवार देर रात बेंगलुरु के जयनगर स्थित एक निजी होटल में दोनों नेताओं के बीच करीब ढाई घंटे तक मैराथन बैठक हुई, जिसमें आलाकमान के दखल और आपसी बातचीत के बाद इस 'पारिवारिक विवाद' व 'मिसकम्युनिकेशन' को सुलझा लिया गया। शनिवार को सीएम शिवकुमार ने मीडिया के सामने आकर स्पष्ट किया कि रामलिंगा रेड्डी के साथ मतभेद पूरी तरह दूर हो चुके हैं और इस्तीफे का मुद्दा अब खत्म हो चुका है, जिसके बाद तीन दिन पुरानी कांग्रेस सरकार ने राहत की सांस ली है।


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