नेहरू का रिकॉर्ड टूटने पर कांग्रेस का वार; मोदी को बताया 'गले की फांस'

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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत बयान जारी कर पीएम मोदी के इस मील के पत्थर को "स्व-घोषित और संदिग्ध रूप से आविष्कारित" करार दिया है।

'पीएम मोदी देश के गले की फांस' - जयराम रमेशकांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि पीएम मोदी भले ही इस कथित रिकॉर्ड को पार कर चुके हैं, लेकिन हकीकत यह है कि वे "भारत के लोकतंत्र की हत्या करने वाले और देश के गले की फांस बन चुके हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के भीतर जवाहरलाल नेहरू को लेकर एक मानसिक ग्रंथि (pathological fixation) है, जिसके चलते वे लगातार उनकी विरासत को मिटाने या छोटा दिखाने की कोशिश में लगे रहते हैं।

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क्या है रिकॉर्ड की असल सच्चाई?
पीड़ित नेहरू के कार्यकाल का रिकॉर्ड: तकनीकी रूप से पीएम मोदी (26 मई 2014 से अब तक) 1952 के पहले आम चुनाव के बाद लगातार सबसे अधिक दिनों तक पद पर रहने वाले प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने नेहरू के कार्यकाल (4,399 दिन) के आंकड़ों को पार कर लिया है।

कुल कार्यकाल में नेहरू अभी भी आगे: यदि कुल दिनों की बात करें, तो पंडित नेहरू अभी भी देश के सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 1947 से 1952 तक अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में भी सेवा दी थी (कुल 6,131 दिन)। पीएम मोदी को नेहरू का यह सबसे लंबा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए साल 2031-2032 तक इस पद पर बने रहना होगा।


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