पश्चिमी देशों को विदेश मंत्री जयशंकर का करारा जवाब : 'हमें खेल न सिखाएं'

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यूक्रेन युद्ध के बाद से ही अमेरिका और यूरोपीय देश लगातार भारत पर इस बात का दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं कि भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल (Crude Oil) न खरीदे। पश्चिमी देशों का तर्क है कि रूस से तेल खरीदकर भारत परोक्ष रूप से इस युद्ध को फंडिंग कर रहा है। इसी दबाव और आलोचना का जवाब देते हुए जयशंकर ने यह आक्रामक और दोटूक बयान दिया है।

फ़िनलैंड में 'कुलतारंता टॉक्स' के दौरान 'उभरती हुई ताक़तें और नया जियोपॉलिटिकल कॉम्पिटिशन' विषय पर चर्चा करते हुए जयशंकर ने एक पत्रकार के सवाल का जवाब दिया। पत्रकार ने कहा था कि भारत "रूस के प्रति बहुत ज़्यादा सहानुभूति" रखता है और "रूस से तेल खरीदने के लिए बहुत ज़्यादा तैयार" है।


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