तृणमूल कांग्रेस (TMC) में इस समय एक बहुत बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। पार्टी के 28 लोकसभा सदस्यों में से 20 बागी सदस्यों ने एक साथ मिलकर बगावती का बिगुल फूंक दिया है। इस बागी गुट ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को पत्र लिखकर खुद को 'असली टीएमसी' के तौर पर मान्यता देने और संसद में एक अलग गुट के रूप में बैठने की अनुमति मांगी है। बागी सदस्यों का नेतृत्व मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं, जिन्हें इस धड़े ने अपना नेता चुना है। यह कदम दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए बेहद सोच-समझकर उठाया गया है, क्योंकि किसी भी पार्टी से अलग होने और अपनी सदस्यता बचाने के लिए कम से कम दो-तिहाई (2/3) सदस्यों का साथ होना जरूरी है, और 28 में से 20 का आंकड़ा इस शर्त को पूरा करता है।

feature-top

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में इस समय एक बहुत बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। पार्टी के 28 लोकसभा सदस्यों में से 20 बागी सदस्यों ने एक साथ मिलकर बगावती का बिगुल फूंक दिया है। इस बागी गुट ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को पत्र लिखकर खुद को 'असली टीएमसी' के तौर पर मान्यता देने और संसद में एक अलग गुट के रूप में बैठने की अनुमति मांगी है। बागी सदस्यों का नेतृत्व मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं, जिन्हें इस धड़े ने अपना नेता चुना है। यह कदम दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए बेहद सोच-समझकर उठाया गया है, क्योंकि किसी भी पार्टी से अलग होने और अपनी सदस्यता बचाने के लिए कम से कम दो-तिहाई (2/3) सदस्यों का साथ होना जरूरी है, और 28 में से 20 का आंकड़ा इस शर्त को पूरा करता है।


feature-top