बंगाल सियासत की बड़ी खबर: नेता प्रतिपक्ष विवाद पर कलकत्ता HC का बड़ा फैसला, ऋतब्रत संभालेंगे कमान

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में कोई भी अंतरिम आदेश जारी करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रथींद्र बसु का निर्णय फिलहाल बरकरार रहेगा और बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी इस पद पर बने रहेंगे। 

न्यायमूर्ति कृष्ण राव की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 28 जुलाई, 2026 को तय की गई है।

पूरा विवाद -

  • एक ही दल से दो दावे: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मचे आंतरिक घमासान के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए दो अलग-अलग नाम सामने आए थे। 
  • ममता गुट बनाम बागी गुट: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले आधिकारिक गुट की ओर से वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय का नाम प्रस्तावित किया गया था। दूसरी ओर, पार्टी के बागी गुट ने ऋतब्रत बनर्जी के नाम का प्रस्ताव स्पीकर को भेजा था। बागी गुट ने विधानसभा में टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से 58 के समर्थन का दावा किया है। 
  • स्पीकर का फैसला: विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु ने बागी गुट के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का आधिकारिक नेता नियुक्त कर दिया था, जिसके बाद यह मामला अदालत पहुंचा

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