"अस्पष्ट और बेबुनियाद हैं आरोप" – तमिलनाडु विधानसभा मामले पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

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उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु विधानसभा में हाल ही में हुए विश्वास मत के दौरान विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) की जांच कराने की मांग वाली याचिका  को सिरे से खारिज कर दिया l शीर्ष अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप पूरी तरह से 'अस्पष्ट, अनर्गल और बेबुनियाद' हैं और इनके समर्थन में कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है l प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मदुरै निवासी के.के. रमेश द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया l


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