पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अगले हफ्ते विधानसभा में दो बेहद महत्वपूर्ण और कड़े विधेयक पेश करने जा रही है, जिससे राज्य की राजनीति गरमा गई है। इनमें पहला विधेयक समान नागरिक संहिता (UCC) है, जिसे लागू कर बंगाल व्यक्तिगत धार्मिक कानूनों को हटाने वाला देश का एक और प्रमुख राज्य बन जाएगा। दूसरा 'असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक' है, जिसके तहत दंगाइयों और अपराधियों को बिना ट्रायल 12 महीने तक नजरबंदी (प्रिवेंटिव डिटेंशन) में रखने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्ति कुर्क कर हर्जाना वसूलने का सख्त प्रावधान है। सरकार जहाँ इसे कानून-व्यवस्था और समानता के लिए ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष (TMC) इसे नागरिक स्वतंत्रताओं पर हमला कहकर इसका कड़ा विरोध कर रहा है। 

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पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अगले हफ्ते विधानसभा में दो बेहद महत्वपूर्ण और कड़े विधेयक पेश करने जा रही है, जिससे राज्य की राजनीति गरमा गई है। इनमें पहला विधेयक समान नागरिक संहिता (UCC) है, जिसे लागू कर बंगाल व्यक्तिगत धार्मिक कानूनों को हटाने वाला देश का एक और प्रमुख राज्य बन जाएगा। दूसरा 'असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक' है, जिसके तहत दंगाइयों और अपराधियों को बिना ट्रायल 12 महीने तक नजरबंदी (प्रिवेंटिव डिटेंशन) में रखने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्ति कुर्क कर हर्जाना वसूलने का सख्त प्रावधान है। सरकार जहाँ इसे कानून-व्यवस्था और समानता के लिए ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष (TMC) इसे नागरिक स्वतंत्रताओं पर हमला कहकर इसका कड़ा विरोध कर रहा है। 


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