उद्धव ठाकरे ने फूंका 'राम रक्षा आंदोलन' का बिगुल, हनुमान चालीसा का किया पाठ

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शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर पार्टी के पुराने और आक्रामक हिंदुत्व कार्ड को वापस ला दिया है। मुंबई के दादर में कार्यकर्ताओं की एक बड़ी बैठक को संबोधित करते हुए ठाकरे ने 'राम रक्षा आंदोलन' का शंखनाद किया। इस आंदोलन के जरिए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला और अपने पिता बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत को फिर से हासिल करने का दावा ठोका।

'राम रक्षा आंदोलन' की शुरुआत

  • अयोध्या विवाद को बनाया मुद्दा: यह आंदोलन अयोध्या के राम मंदिर में दान में दी गई राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के विवाद को लेकर शुरू किया गया है। गौरतलब है कि इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) कर रही है।
  • भाजपा पर तीखा हमला: उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने "हिंदुओं को सम्मोहित" कर दिया है। उन्होंने भाजपा पर हिंदुओं को लूटने और राजनीति के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
  • धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल: आंदोलन को धार देने के लिए ठाकरे और उनके समर्थकों ने बैठक में सार्वजनिक रूप से राम रक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा और मारुति स्तोत्र का पाठ किया।

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