'सिर्फ इस्तीफे से देश नहीं बनता, सुधारों की जरूरत है': सोनम वांगचुक

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देश में जारी नीट (NEET) पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षाओं में विसंगतियों को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच जाने-माने शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का एक बड़ा बयान सामने आया है। विपक्ष और छात्र संगठनों द्वारा लगातार किए जा रहे इस्तीफे के प्रदर्शनों पर अपनी राय रखते हुए वांगचुक ने कहा कि केवल मंत्रियों के इस्तीफे मांगना किसी समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। देश का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पूरी व्यवस्था में गहरे और पारदर्शी प्रशासनिक सुधारों की तत्काल आवश्यकता है।

वांगचुक ने युवाओं के भविष्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी एक व्यक्ति या चेहरे को बदल देने से खोखली हो चुकी व्यवस्था रातों-रात ठीक नहीं हो जाएगी। उन्होंने सरकार और नीति निर्माताओं से अपील की है कि वे राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर परीक्षा प्रणालियों को आधुनिक, सुरक्षित और फुलप्रूफ बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा, "जब तक हम व्यवस्था की कमियों को दूर नहीं करेंगे, तब तक चेहरे बदलने से देश की दिशा नहीं बदलेगी।"


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