AAP सरकार के खिलाफ रोडवेज कर्मियों का हल्ला बोल

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पंजाब राज्य परिवहन के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आज (सोमवार) राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 'पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन' के आह्वान पर कर्मचारियों ने प्रदेश के सभी 27 बस डिपो पर जोरदार 'गेट रैलियां' कीं। संविदा कर्मियों के इस विरोध प्रदर्शन से राज्य में अगले सप्ताह सरकारी बस सेवाओं के पूरी तरह ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।

नियमितीकरण और ठेका प्रथा बंद करने की मांग
यूनियन के नेताओं (कुलवंत सिंह व अन्य) ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी सेवाओं को नियमित (पक्का) करने और परिवहन विभाग से ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने चुनाव से पहले उनसे पक्का करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं से मुकर गई है।

70 से अधिक बैठकें रहीं बेनतीजा
कर्मचारी नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकारी समितियों और अधिकारियों के साथ उनकी 70 से अधिक दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों ने 'किलोमीटर स्कीम' के तहत निजीकरण को बढ़ावा देने और सरकारी बसों के रख-रखाव में अनदेखी का भी आरोप लगाया। उनका दावा है कि टायर, बैटरी और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण विभाग की लगभग 800 बसें कबाड़ में तब्दील होने की कगार पर हैं।

3 से 5 अगस्त तक रहेगा 'चक्का जाम'
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि 3 अगस्त से पहले उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 3 से 5 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके साथ ही कर्मचारी मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के परिवहन मंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू करेंगे।


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