ILO वोटिंग पर शशि थरूर ने केंद्र के रुख को बताया 'राष्ट्रीय शर्म'

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे स्विगी, ज़ोमैटो, अर्बन कंपनी के डिलीवरी बॉयज़ और राइडर्स) के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े वैश्विक समझौते के मतदान में भारत सरकार के भाग न लेने (abstain रहने) को 'राष्ट्रीय शर्म' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा विश्व इन असुरक्षित और कम वेतन पाने वाले लाखों श्रमिकों के अधिकारों के पक्ष में खड़ा था, तब मोदी सरकार ने बड़े कॉर्पोरेट्स का पक्ष लेते हुए अपनी नैतिक जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया।


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