संसद ने एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 पारित किया

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संसद ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill, 2026) को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों पर अतिरिक्त टैक्स या उपकर (Cess) लगाने की शक्तियों को सीमित कर दिया गया है l  यह विधेयक लोकसभा द्वारा बुधवार को और राज्यसभा द्वारा गुरुवार (13 अगस्त 2026) को पारित किए जाने के बाद संसद से पूरी तरह से मंजूर हो गया है l

मुख्य विशेषताएं और बड़े बदलाव

  • अतिरिक्त टैक्स लगाने पर रोक: यह विधेयक राज्य सरकारों को खनिज अधिकारों (Mineral Rights) और खनिज-युक्त भूमि पर केंद्र सरकार द्वारा तय शर्तों के परे कोई भी अतिरिक्त टैक्स, उपकर (Cess) या लेवी लगाने से रोकता है l
  • पिछला बकाया अमान्य: कानून लागू होने से पहले राज्यों द्वारा लगाए गए किसी भी ऐसे टैक्स के अनपेड या गैर-वसूले गए बकाए को अमान्य (Invalid) माना जाएगा l हालांकि, जो राशि पहले ही जमा हो चुकी है, वह वापस (Refund) नहीं होगी l
  • खनन लीजधारकों को फ्लेक्सिबिलिटी: मौजूदा माइनिंग लीजधारक अपनी मौजूदा लीज में अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार को आवेदन दे सकते हैं l लिथियम, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, सोना और चांदी जैसे रणनीतिक खनिजों को शामिल करने के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा l
  • केंद्र का बढ़ा नियंत्रण: केंद्र सरकार अब खानों के विकास के साथ-साथ खनिज-युक्त जमीनों (Mineral Bearing Lands) के नियमन को भी सीधे अपने नियंत्रण में ले सकेगी l

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