नागपुर : क्लोरीन गैस लीक होने से कई लोग अस्पताल में भर्ती

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नागपुर के गोधनी नगर पंचायत इलाके में स्थित एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आधी रात को अचानक क्लोरीन गैस का भारी रिसाव हो गया। इस जहरीली गैस की चपेट में आने से कम से कम 52 लोगों की तबीयत बिगड़ गई है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

यह घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 1:00 से 1:45 बजे के बीच हुई। वाटर प्लांट में रखे 900 किलोग्राम क्षमता वाले एक क्लोरीन गैस सिलेंडर से अचानक रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल गई। सोते समय अचानक लोगों को सांस लेने में गंभीर तकलीफ, आंखों में जलन और तेज खांसी होने लगी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

3 से 4 लोगों की हालत गंभीर, ICU में भर्ती
गैस रिसाव के तुरंत बाद प्रभावित लोगों को इलाज के लिए मेयो अस्पताल और मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, प्रभावितों में से 3 से 4 लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू (ICU) में रखा गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति स्थिर बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

सुरक्षा के लिहाज से 150 घर खाली कराए गए
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए प्लांट के आसपास के 200 मीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया। इसके साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर करीब 150 घरों को तुरंत खाली कराकर वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।

कास्टिक सोडा की मदद से पाया गया काबू
बचाव दल ने गैस के प्रभाव को रोकने के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रिसाव वाले 900 किलो के भारी-भरकम सिलेंडर को उठाकर कास्टिक सोडा मिले पानी के एक विशेष टैंक में डाला गया, जिससे गैस बेअसर हो गई। सोमवार सुबह तक टीमों ने लगभग 90% से अधिक रिसाव पर पूरी तरह काबू पा लिया और स्थिति को नियंत्रित किया।

जांच के आदेश जारी
इस तकनीकी खराबी और लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस और संबंधित विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि इतनी बड़ी क्षमता वाले सिलेंडर से गैस रिसाव किन कारणों से हुआ। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से पैनिक न करने और अफवाहों से बचने की अपील की है।


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