गुजरात हाई कोर्ट का कड़ा रुख; आप विधायक चैतर वसावा की 7 साल की सजा बरकरार

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गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा को एक बड़ा कानूनी झटका दिया है। अदालत ने वन विभाग के कर्मचारियों पर हमले और जबरन वसूली के मामले में वसावा को मिली 7 साल की जेल की सजा पर रोक लगाने और उन्हें जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद डेडियापाड़ा सीट से उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द होने का खतरा बेहद बढ़ गया है।

जस्टिस विमल के. व्यास की एकल पीठ ने याचिका खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि उच्च सार्वजनिक पद पर आसीन होने से किसी को कानून से छूट नहीं मिल जाती है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते वसावा को लोगों को कानूनी रास्ता दिखाना चाहिए था, न कि खुद सरकारी कर्मचारियों को डराने-धमकाने और वसूली करने में शामिल होना चाहिए था। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राहत देने से समाज में यह गलत संदेश जाएगा कि सत्ता में बैठे लोग कानून से ऊपर हैं।


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