मेघालय : शिलांग में तोड़ी गईं नेताजी और स्वामी विवेकानंद की मूर्तियां फिर होंगी स्थापित

feature-top

मेघालय की कोनराड संगमा सरकार ने राजधानी शिलांग में राष्ट्रनायकों के अपमान पर कड़ा रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने 19 अगस्त 2026 को एक रैली के दौरान उपद्रवियों द्वारा तोड़ी गई नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद की मूर्तियों को फिर से स्थापित करने का बड़ा फैसला किया है। राज्य के कला एवं संस्कृति मंत्री सनबोर शुलई ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। सरकार का कला एवं संस्कृति विभाग इन मूर्तियों के जीर्णोद्धार और पुनर्स्थापना का पूरा खर्च वहन करेगा। 

 

रैली के दौरान हुई थी तोड़फोड़

यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना शिलांग के आरआर कॉलोनी (उम्पलिंग) इलाके में घटित हुई थी। 19 अगस्त को खासी स्टूडेंट्स यूनियन की ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली के दौरान कुछ नकाबपोश और अज्ञात असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पाद मचाया था। उपद्रवियों ने विवेकानंद पार्क में बनी स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के कांच के घेरे को चकनाचूर कर दिया और देश की आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अर्धप्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर सड़क किनारे फेंक दिया था। 

 


feature-top