कलकत्ता हाई कोर्ट : 'सुर्खियां बटोरने के लिए PIL को बनाया जा रहा है हथियार'

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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एक रैली में दिए गए भाषण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की है। अदालत ने याचिका की विचारणीयता पर गंभीर सवाल उठाते हुए मौखिक रूप से कहा कि आजकल केवल सुर्खियां बटोरने और ध्यान आकर्षित करने के लिए जनहित याचिकाओं का इस्तेमाल एक "विशेष उपकरण या हथियार" की तरह किया जा रहा है l

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति अतनुप बनर्जी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से तीखे सवाल पूछते हुए कहा, “क्या अदालत को हर उस बात को सुनना चाहिए जो कोई भी कह देता है? इसे जनहित याचिका के रूप में क्यों स्वीकार किया जाना चाहिए?”

पूरा विवाद

यह मामला ममता बनर्जी द्वारा जून में कोलकाता की एक रैली के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि ममता बनर्जी ने दिसंबर 2025 में ढाका (बांग्लादेश) में हुए बांग्लादेशी कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की सीमा-पार हत्या के मामले पर संवेदनशील टिप्पणियां की थीं। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि पूर्व मुख्यमंत्री के बयान भारत के राष्ट्रीय हितों, संप्रभुता और विदेशी संबंधों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं और यह 'आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम' का उल्लंघन है।


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