'पद्मावत' टिप्पणी : भाजपा ने स्वरा भास्कर पर हमला बोला

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संजय लीला भंसाली की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पद्मावत' (2018) के क्लाइमेक्स में दिखाए गए 'जौहर' के दृश्य को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर की एक नई टिप्पणी ने देश में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। दिल्ली में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' कार्यक्रम में स्वरा भास्कर ने उस ऐतिहासिक घटना के फिल्मांकन पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद भाजपा नेताओं और दक्षिणपंथी संगठनों ने स्वरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, यहाँ तक कि बिहार में उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

विवाद की मुख्य वजह: स्वरा ने क्या कहा था?

कार्यक्रम के दौरान स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली को लिखे अपने पुराने ओपन लेटर को याद करते हुए कहा था कि जब वे फिल्म देख रही थीं तो उन्होंने सोचा कि अगर ईश्वर न करे वे खुद एक रेप सर्वाइवर (बलात्कार पीड़िता) होतीं, तो यह फिल्म उन्हें क्या संदेश दे रही है? उन्हें ऐसा महसूस होता कि वे एक कायर हैं जो अपनी इज्जत बचाने के लिए आत्मदाह नहीं कर सकीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम यह संदेश दे रहे हैं कि बलात्कार एक महिला के जीवन का अंत है? इस क्लिप के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि स्वरा ने जौहर करने वाली राजपूत महिलाओं को 'कायर' कहा है。

भाजपा का तीखा पलटवार: 'उनका स्वर ही विकृत है'

स्वरा भास्कर के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने उन पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी व्यक्ति हैं जिनका 'स्वर' ही विकृत है। उन्होंने आगे जोड़ा कि इस तरह की असंवेदनशील टिप्पणियां बिल्कुल नहीं की जानी चाहिए और यह आवश्यक है कि हर महिला दूसरी महिलाओं के गौरव का सम्मान करे। वहीं, भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने भी स्वरा पर इतिहास को संदर्भ से काटकर देखने और चित्तौड़गढ़ की राजपूत महिलाओं के महान बलिदान को कमतर आंकने का आरोप लगाया।


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