सरकार अक्टूबर में शुरू करेगी देश का पहला आपदा संचार नेटवर्क पायलट ट्रायल

feature-top

देश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए भारत सरकार अक्टूबर 2026 में पब्लिक प्रोटेक्शन एंड डिजास्टर रिलीफ (PPDR) नेटवर्क का फील्ड ट्रायल शुरू करने जा रही है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रसन्न आर. ने ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम के एक कार्यक्रम में इस बात की पुष्टि की है। इस आधुनिक तकनीक का मुख्य उद्देश्य संकट के समय सरकारी राहत एजेंसियों और आम जनता के बीच बिना किसी रुकावट के ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।

अक्टूबर के शुरुआती ट्रायल के बाद वर्ष 2027 तक इस नेटवर्क को देश के प्रमुख महानगरों और संवेदनशील सीमावर्ती जिलों सहित 10 अलग-अलग जोनों में पूरी तरह तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार इस तकनीक का सफल प्रारंभिक परीक्षण देश की सभी चार बड़ी दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर पहले ही पूरा कर चुकी है। यह नया नेटवर्क पुराने वॉयस-ओनली चैनलों की जगह लेगा जिससे राहत टीमें आपातकाल में लाइव वीडियो, तस्वीरें, टेक्स्ट और वॉयस डेटा रियल-टाइम में साझा कर सकेंगी। इसके अलावा चक्रवात या भूकंप जैसी स्थिति में यदि मोबाइल टावर गिर जाते हैं, तो नेटवर्क को चालू रखने के लिए इसमें सैटेलाइट संचार प्रणाली को भी जोड़ने पर काम चल रहा है।

यह नई व्यवस्था सी-डॉट द्वारा तैयार किए गए भारत के स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम और 'सचेत' प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेगी। इसके जरिए आपदा के समय बिना किसी नेटवर्क जाम के प्रभावित इलाके के लोगों के मोबाइल पर सीधे चेतावनी संदेश और सायरन भेजे जा सकेंगे। गृह मंत्रालय इस पूरी योजना के संचालन मॉडल को इसी महीने के अंत तक अंतिम रूप दे देगा।


feature-top