"शर्मनाक है युवाओं को नक्सली कहना"; पीएम मोदी के बयान पर सीजेपी के सौरव दास का हमला

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कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर तीखा हमला बोला है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि "सवाल पूछने वाली युवा पीढ़ी को नक्सली कहना एक प्रधानमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक है।"  यह राजनीतिक विवाद पीएम मोदी के उस भाषण के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने अपने आलोचकों को 'दिमागी नक्सल' बताते हुए विपक्ष पर तंज कसा था।

"होम्योपैथिक गोली" बनाम "युवाओं को बदनाम करने की कोशिश"

प्रधानमंत्री ने एसआरसीसी के मंच से अपने पुराने बयान का बचाव करते हुए कहा था कि उनका 'दिमागी नक्सल' वाला जुमला एक होम्योपैथिक इलाज की तरह है, जो बीमारी को पहले बाहर लाता है और फिर ठीक करता है। उन्होंने दावा किया कि इस "गोली" के बाद सारे मानसिक नक्सली खुद ही बाहर आकर बेनकाब हो गए हैं।

इसके जवाब में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने प्रधानमंत्री पर तीखा पलटवार किया:

  • जवाबदेही से भागने का आरोप: सौरव दास ने कहा कि सत्ता से सवाल पूछने वाले युवाओं और छात्रों को बदनाम करने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • मुद्दों से ध्यान भटकाना: सीजेपी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने देश के एक शीर्ष कॉलेज के मंच का उपयोग छात्रों को डराने और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए किया।

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