सत्या निकेतन हादसे के बाद CJP की 7 मांगें

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में लड़कों की पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने की दुखद घटना के बाद 7-पॉइंट का मांग पत्र जारी किया है। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास और संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि बाहर से आए छात्रों को "कॉकरोच" की तरह रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है, क्योंकि एक जमे-जमाए "PG माफिया" द्वारा बिना रोक-टोक के कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है।

सात प्रमुख माँगें 

  • पीजी माफिया की जाँच: निजी संपत्ति मालिकों, स्थानीय राजनेताओं और नगर निगम के अधिकारियों के बीच चल रहे भ्रष्ट सांठगांठ को खत्म करने के लिए एक स्वतंत्र आपराधिक जाँच शुरू की जाए।
  • समयबद्ध स्ट्रक्चरल ऑडिट: नई दिल्ली के सभी शैक्षणिक संस्थानों, निजी छात्र आवासों (PG), स्कूलों और कॉलेजों की सुरक्षा जाँच के लिए तत्काल एक पेशेवर स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट शुरू किया जाए।
  • समितियों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करना: हौज रानी इमारत हादसे के बाद गठित की गई 13 जिला सुरक्षा समितियों की सभी निरीक्षण रिपोर्ट और कार्रवाई के रिकॉर्ड को 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक किया जाए।
  • सार्वजनिक सुरक्षा डेटाबेस: स्वीकृत छात्र आवासों और पीजी की सूची के लिए एक ऑनलाइन सरकारी डेटाबेस बनाया जाए, ताकि छात्र उनके वैध सुरक्षा और बिल्डिंग प्रमाण पत्रों की सत्यता खुद जाँच सकें।
  • सरकारी हॉस्टलों का निर्माण: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और अन्य राज्य संस्थानों के लाखों बाहरी छात्रों के लिए नए सरकारी हॉस्टलों का तत्काल निर्माण अनिवार्य किया जाए, ताकि उन्हें निजी पीजी पर निर्भर न रहना पड़े।
  • वित्तीय मुआवजे का भुगतान: हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिवार को ₹1 करोड़ और गंभीर रूप से घायल हुए छात्रों को ₹20 लाख की आर्थिक सहायता तुरंत दी जाए।
  • मंत्री की जवाबदेही तय करना: दिल्ली के शहरी विकास, योजना और शिक्षा मंत्री आशीष सूद की सीधी जवाबदेही तय की जाए और उनसे पूछा जाए कि उनके कार्यकाल में सुरक्षा जाँच में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

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