गुजरात विश्वविद्यालय में धार्मिक गतिविधियों पर विवाद, प्रोफेसर की मांग ने छेड़ी नई बहस

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गुजरात के महाराजा सयाजीरावविश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने कुलपति को खुला पत्र लिखकर विश्वविद्यालय परिसर में सभी धार्मिक अनुष्ठानों और धार्मिक प्रतीकों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस मांग के बाद परिसर और सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर जागृत गदित ने कुलपति प्रोफेसर बी.एम. भनागे को लिखे अपने पत्र में तर्क दिया है कि सरकारी सहायता प्राप्त सार्वजनिक संस्थानों को धर्मनिरपेक्षता का कड़ाई से पालन करना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक 1973 के केशवानंद भारती मामले के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान के मूल ढांचे का एक अभिन्न हिस्सा है।


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