कर्नाटक के आबकारी मंत्री के.एम. शिवलिंगे गौड़ा एक विवाद में फंस गए हैं। उन्होंने कुछ ऐसी बातें कहीं जिन्हें आलोचकों ने सरकारी अधिकारियों को पैसे देने की प्रथा का समर्थन करने जैसा माना। मंत्री हसन ज़िले के सकलेशपुर में 'प्रजा सेवा आंदोलन' की एक बैठक में शामिल हुए थे। वहां लोगों ने शिकायत की कि उन्हें अपना काम करवाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है।

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कर्नाटक के आबकारी मंत्री के.एम. शिवलिंगे गौड़ा एक विवाद में फंस गए हैं। उन्होंने कुछ ऐसी बातें कहीं जिन्हें आलोचकों ने सरकारी अधिकारियों को पैसे देने की प्रथा का समर्थन करने जैसा माना। मंत्री हसन ज़िले के सकलेशपुर में 'प्रजा सेवा आंदोलन' की एक बैठक में शामिल हुए थे। वहां लोगों ने शिकायत की कि उन्हें अपना काम करवाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है।

आम जनता के एक सदस्य के सवाल का जवाब देते हुए गौड़ा ने कहा कि अधिकारी अपना काम करेंगे। इसके बाद उन्होंने कहा, "आप जो कुछ भी देना चाहते हैं, उसे सम्मानपूर्वक दे सकते हैं। यह आपका धर्म है, लेकिन किसी को भी ज़बरदस्ती पैसे नहीं लेने चाहिए।"


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