- Home
- DPR Chhattisgarh
- रायपुर
- सेवा की कहानी : डबरी से सिंचाई को मिला सहारा, मछली पालन बना अतिरिक्त आय का जरिया
सेवा की कहानी : डबरी से सिंचाई को मिला सहारा, मछली पालन बना अतिरिक्त आय का जरिया
- उमेश प्रसाद गुप्ता की भूमि पर डबरी निर्माण से खेती को मिली सिंचाई की सुविधा
- मत्स्य बीज मिलने से शुरू किया मछली पालन, खेती के साथ अतिरिक्त आय की जगी उम्मीद
- जल संरक्षण के साथ आजीविका का नया अवसर, एक ही जल संरचना से दोहरा लाभ
सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा की कहानी’ में जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों की आजीविका में आ रहे बदलाव की तस्वीर सामने आ रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत बकिरमा निवासी श्री उमेश प्रसाद गुप्ता की निजी भूमि पर बनी डबरी उनके लिए खेती और आजीविका दोनों का सहारा बन रही है। पहले सिंचाई के पर्याप्त साधन के अभाव में खेती में परेशानी होती थी। अब डबरी निर्माण से पानी की उपलब्धता बढ़ी है और मत्स्य विभाग से मिले मत्स्य बीज के जरिए उन्होंने मछली पालन भी शुरू कर दिया है।
डबरी ने दूर की सिंचाई की परेशानी
उमेश प्रसाद गुप्ता बताते हैं कि पहले उनकी भूमि पर सिंचाई के लिए पर्याप्त जल स्रोत उपलब्ध नहीं था। इससे खेती के कार्य प्रभावित होते थे और पानी की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण रहता था। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत उनकी निजी भूमि पर डबरी निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई। डबरी निर्माण पूरा होने के बाद अब उनके खेत के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है और सिंचाई का एक उपयोगी साधन तैयार हुआ है।
एक डबरी से खेती के साथ मछली पालन को मिला आधार
डबरी का उपयोग केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहा। उमेश को मत्स्य विभाग की ओर से मछली पालन के लिए मत्स्य बीज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने डबरी में मत्स्य बीज डालकर मछली पालन की शुरुआत की है। अब मछलियों के तैयार होने के बाद उनके विक्रय से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होने की उम्मीद है।
उमेश बताते हैं कि एक ही जल संरचना से उन्हें खेती के लिए सिंचाई की सुविधा और मछली पालन के रूप में आय का अतिरिक्त माध्यम मिला है। इससे उपलब्ध जल संसाधन का बेहतर उपयोग करते हुए परिवार की आजीविका को मजबूत करने का अवसर मिला है।
“सिंचाई का साधन मिला, मछली पालन से होगी अतिरिक्त आय”
उमेश प्रसाद गुप्ता योजना से मिले लाभ पर खुशी जाहिर करते हुए कहते हैं, “पहले मेरे पास सिंचाई का साधन नहीं था। अब डबरी बन गई है और मछली पालन के लिए मत्स्य बीज भी मिला है। मछली पालन से आने वाले समय में लाभ मिलेगा और इससे परिवार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।”
उन्होंने योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
जल संरक्षण से आजीविका तक, बढ़े ग्रामीण परिवार के अवसर
डबरी जैसी जल संरचनाएं वर्षा जल के संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा बढ़ाने में उपयोगी हैं। वहीं इन्हीं जल संरचनाओं में मछली पालन जैसी गतिविधियों को जोड़ने से ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
उमेश प्रसाद गुप्ता की कहानी बताती है कि जल संरक्षण को खेती और आजीविका से जोड़ने वाली पहल ग्रामीण परिवारों के लिए उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और आय के नए अवसरों का आधार बन सकती है।
About Babuaa
Categories
Contact
0771 403 1313
786 9098 330
babuaa.com@gmail.com
Baijnath Para, Raipur
© Copyright 2019 Babuaa.com All Rights Reserved. Design by: TWS
- ज़रा हटके
- टॉप न्यूज़
- एंटरटेनमेंट
- लाइफस्टाइल
- विचार
- ऐतिहासिक
- खेल
- राजनीति
- देश-विदेश
- फोटोज़
- वीडियोस
- लेख
- संपादक की पसंद
- Research
- DPR Chhattisgarh
- West Bengal Election Result Update
- Assam Election Result Update
- Tamilnadu Election Result Update
- Kerala Election Result Update
- Puducherry Election Result Update
- राज्य
