तमिलनाडु : मासिक धर्म वाले बयान पर मंत्री कीर्तना का पलटवार

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तमिलनाडु की उद्योग मंत्री एस. कीर्तना ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के आधिकारिक लंदन दौरे पर न जाने को लेकर खड़े हुए बड़े राजनीतिक विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने उनके न जाने के पीछे मासिक धर्म को वजह बताने वाले विपक्षी नेताओं के पितृसत्तात्मक और भद्दे बयानों पर कड़ा पलटवार किया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

मुख्यमंत्री विजय 10 सितंबर से 17 सितंबर के बीच वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और अभिनेता अजीत कुमार की कार रेस को हरी झंडी दिखाने के लिए लंदन के दौरे पर गए थे। चूंकि कीर्तना राज्य का उद्योग और निवेश-प्रोत्साहन विभाग संभालती हैं, इसलिए इस महत्वपूर्ण विदेश दौरे से उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठने लगे।

यह मामला तब और बिगड़ गया जब तमिलनाडु के एक अन्य मंत्री आधाव अर्जुना ने बयान दिया कि कीर्तना "चार दिनों से अस्वस्थ" थीं, इसलिए यात्रा पर नहीं जा सकीं। इस बयान को पकड़ते हुए द्रमुक की नेता और पदाधिकारी वैष्णवी ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि क्या उनके न जाने के पीछे मासिक धर्म असली वजह थी।

मंत्री कीर्तना का आधिकारिक स्पष्टीकरण

इस भद्दे राजनीतिक घटनाक्रम पर पूर्ण विराम लगाते हुए मंत्री कीर्तना ने एक विस्तृत बयान जारी कर अपनी अनुपस्थिति की असली वजह बताई। उन्होंने साफ किया कि वे कॉलरबोन की एक इमरजेंसी सर्जरी के कारण तमिलनाडु में ही रुकी हुई थीं:

  • गंभीर चिकित्सा स्थिति: सितंबर की शुरुआत में, उन्हें गर्दन और कॉलरबोन की पुरानी चोट के पुराने इम्प्लांट के कारण अचानक गंभीर दर्द और चिकित्सा संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ा।
  • काम को दी प्राथमिकता: डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत सर्जरी कराने की सलाह दी थी। लेकिन, 9 सितंबर को वैश्विक 'एचडी हुंडई' (HD Hyundai) टीम के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण निवेश बैठक को व्यक्तिगत रूप से पूरा करने के लिए उन्होंने जानबूझकर अपनी सर्जरी को कुछ दिन आगे बढ़ाया।
  • 4 दिनों में काम पर वापसी: उन्होंने 10 सितंबर को अपनी सर्जरी कराई। डॉक्टरों ने उन्हें सख्त तौर पर 20 दिनों के बेड रेस्ट की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से ही निवेश बैठकों का समन्वय करना जारी रखा और सिर्फ 4 दिनों के भीतर मैदान में लौट आईं—दर्द निवारक दवाएं  खाकर और पट्टियां बंधे होने के बावजूद समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।


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